रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी सूची में उनके नाम पर मुहर लगाई गई। कांग्रेस की घोषणा के साथ ही राज्यसभा चुनाव की तस्वीर और दिलचस्प हो गई है। अब सभी की निगाहें भारतीय जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर टिकी हैं, जिन्होंने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।
भाजपा ने कई राज्यों के लिए उम्मीदवारों का किया ऐलान
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश से ताई तगाक, गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा और मानसिंह परमार, मध्य प्रदेश से तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल, मणिपुर से ए. शारदा देवी, तथा राजस्थान से अलका गुर्जर और सतीश पूनिया को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा वर्ष 2026 में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए ओडिशा से देबाशीष सामंतराय को टिकट दिया गया है।

विधानसभा का गणित इंडिया गठबंधन के पक्ष में
झारखंड विधानसभा की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो 81 सदस्यीय सदन में इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई देता है। गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 4 और भाकपा (माले) के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास कुल 24 विधायक हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 21 तथा आजसू, जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी के एक-एक विधायक शामिल हैं। एक सीट झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो के पास है।
भाजपा और झामुमो की रणनीति पर नजर
संख्या बल के आधार पर इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। हालांकि भाजपा की रणनीति और झामुमो की ओर से दूसरे उम्मीदवार को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।
