साहिबगंज स्थापना दिवस: 43 साल के इतिहास में पहली बार निकली 3 KM लंबी भव्य पदयात्रा, ‘कदम से कदम मिलाकर’ चले हजारों लोग

"साहिबगंज के लिए बढ़े हजारों कदम! 43वें जिला स्थापना दिवस पर पदयात्रा में दिखा गजब का उत्साह।"

Johar News Times
2 Min Read

साहिबगंज जिला के 43वें स्थापना दिवस महोत्सव के प्रथम चरण की शुरुआत रविवार सुबह एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक पदयात्रा के साथ हुई। “साहिबगंज के लिए चलना है, चलिए कदम से कदम मिलाकर चलिए” के गगनभेदी नारों के साथ इस 3 किलोमीटर लंबी यात्रा का आयोजन किया गया, जो जिला स्थापना के इतिहास में पहली बार हुआ है। यह यात्रा रेलवे जनरल इंस्टीट्यूट से शुरू होकर गांधी चौक, पटेल चौक, टमटम स्टैंड और सुभाष चौक होते हुए साक्षरता चौक पहुंची, जहां यह एक बड़ी सभा में तब्दील हो गई।

सिविल सर्जन और डॉ. रामजन्म मिश्र ने किया शुभारंभ

इस ऐतिहासिक पदयात्रा का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. रामजन्म मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान डॉ. मिश्र ने साहिबगंज स्थापना दिवस के गौरवशाली महत्व पर प्रकाश डाला और महोत्सव के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी दी।

तिरंगे के साथ स्काउट एंड गाइड ने संभाली कमान, जगह-जगह हुआ स्वागत

यात्रा का नेतृत्व भारत स्काउट एवं गाइड के सदस्यों ने राष्ट्रीय ध्वज को थामकर पूरी गरिमा के साथ किया। पूरी पदयात्रा के दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। लोगों ने अपने घरों और दुकानों से प्रतिभागियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। साथ ही चिलचिलाती धूप को देखते हुए जगह-जगह पर शीतल पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई थी।

साहित्यकारों, पूर्व सैनिकों और छात्रों की रही बड़ी भागीदारी

झारखंड राज्य भाषा साहित्य अकादमी एवं मनोरंजन भोजपुरी साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। पदयात्रा में देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों, प्रबुद्ध शिक्षाविदों, समाजसेवियों, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान कानून-व्यवस्था और सुचारू यातायात के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

Share This Article