मुंबई: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर कथित असंतोष की चर्चाओं के बीच अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी बड़े सियासी फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा का केंद्र उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) है, जहां कुछ सांसदों के रुख को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
NDA की संख्या बढ़ाने की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, एनडीए लोकसभा में अपनी ताकत बढ़ाकर दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि विपक्षी खेमे के कुछ सांसद उसके संपर्क में हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिवसेना (यूबीटी) पर टिकी नजरें
रिपोर्टों के मुताबिक, संभावित राजनीतिक घटनाक्रम की सबसे ज्यादा चर्चा शिवसेना (यूबीटी) को लेकर हो रही है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से ही शिवसेना के दोनों गुटों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई जारी है, ऐसे में नई अटकलों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
दल-बदल कानून बड़ी बाधा
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संभावित टूट या राजनीतिक बदलाव के सामने दल-बदल कानून सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए किसी भी कदम को लेकर सभी पक्ष कानूनी पहलुओं पर नजर बनाए हुए हैं।
2029 की रणनीति से जोड़कर देखी जा रही चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल मौजूदा संख्या बल का सवाल नहीं, बल्कि 2029 लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजनीति में स्थिति मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। हालांकि फिलहाल सभी दावे अटकलों और राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित हैं।
