हजारीबाग की घटना पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, सभी उपायुक्तों को लंबित म्यूटेशन मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश,
रांची/हजारीबाग : हजारीबाग के बानादाग में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) नहीं होने से परेशान युवक के मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटना पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से हजारीबाग उपायुक्त को तत्काल मामले की जांच कर रिपोर्ट देने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हजारीबाग उपायुक्त तत्काल मामले का संज्ञान लें और जांच करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष सिद्ध होता है तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि किसी भी अंचल कार्यालय में म्यूटेशन या भूमि संबंधी मामलों को तय समय सीमा से अधिक लंबित नहीं रखा जाए। गौरतलब है कि चतरा जिले के टंडवा निवासी विकास कुमार ने कटकमदाग अंचल क्षेत्र में खरीदी गई जमीन के दाखिल-खारिज में कथित देरी से परेशान होकर मंगलवार को बानादाग स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था। युवक का आरोप था कि वह पिछले छह महीने से अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। काफी देर तक चली बातचीत और समस्या के समाधान के आश्वासन के बाद युवक सुरक्षित नीचे उतर आया था। इस घटना ने भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में हो रही देरी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार लंबित म्यूटेशन मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा सकती है।
